Ashwagandha, one of the most powerful herbs in Ayurvedic healing. It has been used since ancient times and is most well-known for its restorative benefits. In Sanskrit Ashwagandha means “the smell of a horse, It has traditionally been prescribed to help people strengthen their immune system after an illness.
Ashwagandha is a plump shrub with oval leaves and yellow flowers. It bears red fruit about the size of a raisin. The herb is native to the dry regions of India, northern Africa, and the Middle East.
Ashwagandha is an adaptogen herb, meaning it is believed to fight the negative effects of stress when at the same time giving you more energy balancing homeostasis. The following is a list of several and wide-ranging Ashwagandha benefits:-
- Anti-inflammatory विरोधी भड़काऊ
- Relaxes the central nervous system केंद्रीय तंत्रिका तंत्र को आराम
- Reduces stress टेंशन को काम करना
- Boost mental capacity यादाश बढ़ाने में मदद
- Strengthens the immune system शरीर की रोग प्रतिकार शक्ति
- Gastrointestinal disorders पेट की गैस
- Skin infections त्वचा में इन्फेक्शन
- Rheumatoid arthritis संधिशोध गठिया
- Epilepsy मिरगी
- Fatigue थकान
- Chronic disease पुरानी बीमारी
- Failing memory भूलने की बीमारी
- Impotence नपुंसकता
- Pain दर्द
* अश्वगंधा कद बढ़ाने में बहुत लाभकारी है!!!
* अश्वगंधा का पाउडर दूध में डालकर लगातार 45 दिन तक पियें आपको फ़ायदा दिखने लगेगा !!!
* कद बढ़ाने के लिए सूखी नागौरी, अश्वगंधा की जड़ को कूटकर बारीक चूर्ण बना लें । बराबर मात्रा में खांड मिलाकर टाइट ढक्कन वाली कांच की शीशी में रखे । इसे सोते समय रोज़ दो चम्मच गाय के दूध के साथ ले। इससे दुबले व्यक्ति भी मोटे हो जायेंगे। कम कद वाले लोग लम्बे हो सकते है।
* इस चूर्ण का सेवन करते समय खटाई, तली चीज़े न खायें और जिन्हे आंव की शिकायत हो, तो अश्वगंधा न ले।
* इस चूर्ण को शीतकाल में लेने से ज्यादा लाभ मिलता है।
* इस चूर्ण का सेवन करने से कमज़ोर व्यक्ति अपने अंदर स्फूर्ति महसूस करने लगता है।
* इससे नया नाखून भी बनना शुरू होता है।
* अश्वगंधा का पाउडर दूध में डालकर लगातार 45 दिन तक पियें आपको फ़ायदा दिखने लगेगा !!!
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* इस चूर्ण का सेवन करते समय खटाई, तली चीज़े न खायें और जिन्हे आंव की शिकायत हो, तो अश्वगंधा न ले।
* इस चूर्ण को शीतकाल में लेने से ज्यादा लाभ मिलता है।
* इस चूर्ण का सेवन करने से कमज़ोर व्यक्ति अपने अंदर स्फूर्ति महसूस करने लगता है।
* इससे नया नाखून भी बनना शुरू होता है।







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